Tuesday, July 28, 2009

जो खून गिरा पर्वत पर वो खून था हिन्दुस्तानी

I was working on a blog to commemorate 10 years of Kargil conflict. While trying to write about it, all of a sudden I remembered a song sung by Lata Mangeshkar in honour of our brave men who fought against Chinese hordes in 1962. Even though both these conflicts have different causes, they have a lot in common. Biggest commonality being that we were betrayed by neighbours we were trying to get amicable with. Both conflicts had our under-equipped soldiers fighting in mountainous and brutal terrain against an enemy who held many advantages over our forces. I have posted it below for my readers along with a youtube link to hear the song. I suggest first you read the lyrics and hear the song. I am pretty sure that just reading and understanding these lyrics will bring tears to your eyes. I am still wiping mine.

ए मेरे वतन के लोगों
तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो -2
जो लौट के घर न आये -2

ए मेरे वतन के लोगों
ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय
खतरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सांस लादे वो
फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा
सो गए अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी

जब देश में थी दिवाली
वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में
वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी

कोई सिख कोई जाट मराठा
कोई गुरखा कोई मदरासी
सरहद पे मरनेवाला
हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर
वो खून था हिन्दुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी

थी खून से लथ-पथ काया
फिर भी बन्दूक उठाके
दस-दस को एक ने मारा
फिर गिर गए होश गँवा के
जब अंत-समय आया तो
कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों
अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी

तुम भूल न जाओ उनको
इस लिए कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी
जय हिंद जय हिंद की सेना -2
जय हिंद, जय हिंद जय हिंद





4 comments:

  1. vishal...
    i dont have hindi fonts!

    but i guess thats famous "ae mere vatn ke logo" song!
    netime newhere it makes us cry! a tru "shradhdhanjali"

    waiting for ur kargil post!

    ReplyDelete
  2. Quite interesting symbols.
    Whenever i heard this song, i feel choked up with tears. So phenomenal thorough song.

    ReplyDelete
  3. Brilliant and touching post, Vishal. Pictures of Indian infantry regimental badges, their motto and war cry brought back flood of memories. In my 20 years' service in Armed Forces, I had the honor to be associated with some of these world famous 'Pultons'. The caption you gave to your post - 'Jo khoon Gira Parvat Par woh khoon thaa Hindustani' went straight to my heart.
    Yes, soldiers also shed a tear or two sometimes. The Gypsy soldier did...

    ReplyDelete
  4. Thanks for reminding me ..... bro.....salute to those who out there live in freezing temps and scorching heat ... just to make us feel secure n comfortable at our home.

    Thankz once again......

    ReplyDelete